आर्थिक सुधार को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का प्रमुखों के साथ बैठक

आर्थिक सुधार को लेकर लगातार सरकार की ओर से बैठक की जा रही है। आज फिर से इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तेल कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक कर रही हैं।

आर्थिक सुधार को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का  प्रमुखों के साथ बैठक
निर्मला सीतारमण

आर्थिक सुधार को लेकर लगातार सरकार की ओर से बैठक की जा रही है। आज फिर से इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तेल कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक कर रही हैं। बता दे कि इस बैठक में एनएचएआई, सीआईएल, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी,  एनएचपीसी, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, गेल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और एमएसई के सचिव शामिल हैं।

इससे पहले शुक्रवार को भी निर्मला सीतारमण ने बैठक की, जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों के वित्तीय सलाहकारों के अलावा वित्त सचिव भी शामिल हुए। इस बैठक में सीतारमण ने मंत्रालयों से समय पर पेमेंट जारी करने के लिए कहा। वित्त मंत्री ने एमएसई सर्विस प्रोवाइडर को बकाया चुकाने के भी आदेश दिए। उन्होंने एमएसई के सभी बकायों का भुगतान जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा सीतारमण ने मंत्रालयों से चार तिमाहियों का कैपेक्स प्लान मांगा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए बजट में दी गयी राशि को समय पर खर्च करने के लिए हर महीने निगरानी की जाए और अधिकारियों को हर संभव प्रयास कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फेस्टिव सीजन की शुरुआत से पहले ही सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएं।

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव जी सी मुर्मू ने एक सवाल के जवाब में कहा कि लगभग 60,000 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान लंबित था जिसमें से तकरीबन 40,000 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दी चुकी है। पिछले तीन महीने में 20,157 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि 23 अगस्त तक जीएसटी के जितने रिफंड बकाया था उनमें से 90 फीसद अब तक दिये जा चुके हैं।


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