केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर सकते है, इन मुद्दो पर चर्चा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज  मिजोरम  के दौरे पर जाएंगे और आइजोल में नार्थ ईस्ट हैंडलूम  एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वह एनआरसी पर भी बयान दे सकते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर सकते है, इन मुद्दो पर चर्चा
अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज  मिजोरम  के दौरे पर जाएंगे और आइजोल में नार्थ ईस्ट हैंडलूम  एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वह एनआरसी पर भी बयान दे सकते हैं। अभी दो दिन पहले ही कोलकाता में कहा था कि उनकी सरकार हिंदुस्तान में एक भी घुसपैठिए को नहीं रहने देगी। यही नहीं उनको चुन चुनकर बाहर निकाला जाएगा। साथ ही उन्‍होंने हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिए जाने की बात भी दोहराई थी। 

शाह पहले भी घोषणा कर चुके हैं कि भाजपा सरकार एनआरसी के पहले सिटिजन अमेंडमेंट बिल लाएगी। इस बिल के जरिए भारत में जितने भी हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई शरणार्थी आए हैं उन्हें हमेशा के लिए भारत की नागरिकता दी जाएगी। यही नहीं शाह पहले यह भी कहा चुके हैं कि असम के बाद एनआरसी को धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जाएगा। वहीं, ममता बनर्जी शुरू से ही एनआरसी का विरोध करती रही हैं।

बता दें कि असम देश का एकलौता राज्य है जहां एनआरसी लागू की गई है। बीते 31 अगस्त को एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित की गई थी। इसमें 19 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं है। बताया जाता है कि जिन 19 लाख लोगों के नाम लिस्‍ट में नहीं हैं उनमें 12 लाख हिंदू भी शामिल हैं। एनआरसी की अंतिम लिस्‍ट साल 1985 के असम समझौते के तहत सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तैयार की गई है। हालांकि, संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा को संबोधित करने पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात करके एनआरसी की बाबत उनकी चिंताओं को दूर किया था। 


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