मुक्केबाजी : एमसी मैरी कॉम भारवर्ग के फाइनल में

वर्ल्ड यूथ चैम्पिपयनशिप के पूर्व विजेता सचिन सिवाच ने गुरुवार को उलटफेर करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों को स्वर्ण पदक विजेता गौरव सोलंकी को 52 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में मात दे इंडिया ओपन के दूसरे संस्करण के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। वहीं महिलाओं में छह बार की विश्व विजेता एमसी मैरी कॉम ने भी 51 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बना ली है

मुक्केबाजी : एमसी मैरी कॉम भारवर्ग के फाइनल में
एमसी मैरी कॉम

वर्ल्ड यूथ चैम्पिपयनशिप के पूर्व विजेता सचिन सिवाच ने गुरुवार को उलटफेर करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों को स्वर्ण पदक विजेता गौरव सोलंकी को 52 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में मात दे इंडिया ओपन के दूसरे संस्करण के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। वहीं महिलाओं में छह बार की विश्व विजेता एमसी मैरी कॉम ने भी 51 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बना ली है

करमबीर नबीन चंद्रा बारदोलोई इंडोर स्टेडियम में खेले जा रहे इस अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अमित पंघल (52 किलोग्राम भारवर्ग) और एशियाई चैम्पियनशिप में लगातार चार बार पदक जीतने वाले शिवा थापा (60 किलोग्राम भारवर्ग) ने भी फाइनल में जगह बना ली है। 

मैरी कॉम ने सेमीफाइनल में एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य जीतने वाली भारत की निखत जरीन को 4-1 से हराया। 

जीत के बाद मैरी कॉम ने कहा, "निखत ऐसी मुक्केबाज हैं जो आमतौर पर अंदर आकर नहीं खेलती हैं और मैं काउंटर करने वाली मुक्केबाज हूं इसलिए मैंने इसका फायदा उठाया।"

सचिन ने अपने प्रतिद्वंद्वी सोलंकी के खिलाफ जमकर मुक्के बरसाए और पंघल के साथ खिताबी भिड़ंत तय की। जीबी टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीतने वाले सचिन पहली बार पंघल के सामने होंगे और उनकी कोशिश स्वर्ण जीतने की होगी। 

मैच के बाद सचिन ने कहा, "मैं गौरव सोलंकी को लंबे समय से हराता आ रहा हूं। आज भी मुझे भरोसा था कि मैं उन्हें हरा दूंगा।"

अमित के बारे में सचिन ने कहा, "अमित ने हाल ही में काफी सुधार किया है। सीनियर स्तर पर किसी टूर्नामेंट में अपने आप को साबित करने का यह मेरे पास बड़ा मौका है। मैं पहली बार अमित का सामना करूंगा। मुझे उम्मीद है कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।"

वहीं 60 किलोग्राम भारवर्ग में थापा का सामना मौजूदा विजेता मनीष कौशिक से होगा। थापा ने सेमीफाइनल मुकाबले में पोलैंड के डी. क्रिस्टिन स्जेपेनास्की को 5-0 से हराया। वहीं मनीष ने एक अन्य सेमीफाइनल में अंकित को भी 5-0 से शिकस्त दी। 

थापा ने जीतने के बाद कहा, "मेरे विपक्षी थके हुए थे इसलिए मैंने उन्हें थकाने के लिए कुछ पंच ऐसे ही मारे। मैं खुश हूं कि मेरी रणनीति काम कर गई।"

वहीं विश्व चैम्पियन गौरव बिधुड़ी को थाइलैंड के चाटचाई डेचा बुटडी ने 5-0 से पटका। 

एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले दीपक को 49 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जाने के लिए रिंग में उतरने की भी जरूरत नहीं पड़ी। फिलिपिंस के कारोलो कानो पालम ने उन्हें वॉक ओवर दे दिया। 

कविंदर सिंह बिष्ट को भी 56 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह मिल गई है। उन्होंने सेमीफाइनल में मदन लाल को 4-1 से मात दी। 

एशियाई चैम्पियनशिप में अपना पहला पदक जीतने वाले आशीष कुमार ने भी 75 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने सेमीफाइनल में थाईलैंड के अफिसिट खानतखोकुरे से मात दी। फाइनल में उनका सामना फिलिपिंस के इयुमिर फेलिक्स सांतोस से होगा जिन्होंने मनजीत पंघल को हराया। 


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